50 Rs Salary man – Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi – लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय

About Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi : नमस्कार मित्रों, आज हम आपको एक ऐसे तेजस्वी व्यकित की जीवनी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया की जीवन में आपका पहनावा, बोली, धन – संपत्ति और सुंदरता ही आपको समाज में मान – सम्मान नहीं दिलाती। बल्कि, आपके द्वारा किये गए अच्छे काम और लोगों के प्रति आपका व्यवहार ही आपको सम्मान का असली हकदार बनाता है। 


तो हम बात कर रहे हैं भारत के दूसरे प्रधानमंत्री “Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi”  की, इस लेख में आपको शास्त्रीजी के परिवार, पत्नी, शिक्षा, राजनैतिक जीवन, सम्मान एवं उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। 

Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi
Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi (Photos)

Short Story About Lal Bahadur Shastri in Hindi (मुख्य बिंदु) :

  • नाम – लाल बहादुर “शास्त्री”
  • जन्मनाम – लाल बहादुर श्रीवास्तव 
  • जन्म दिनांक – 2 अक्टूबर 1904 
  • स्थान – मुग़ल सराई (उत्तर प्रदेश)
  • पिता का नाम – शारदा प्रसाद 
  • माता का नाम – राम दुलारी देवी 
  • पत्नी का नाम – ललिता देवी 
  • पुत्र – हरी किशन, अनिल, सुनील, अशोक 
  • पुत्री – कुसुम, सुमन 
  • लम्बाई (Height) – 5 फुट 2 इंच 
  • मृत्यु – 11 जनवरी 1966 
  • आंदोलन – असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन
  • पुरस्कार एवं सम्मान – भारत रत्न, प्रधानमन्त्री पद 


13 FAQs on Lal Bahadur Shastri :

प्रश्न 1 : सन् 1951 से 1956 के बिच शास्त्रीजी कोनसे मंत्री थे?
उत्तर : 1952 – रेलवे एवं परिवहन मंत्री 

प्रश्न 2 : किस वर्ष में लाल बहादुर शास्त्री देश के “ग्रह मंत्री” रहे?
उत्तर : 1961 
प्रश्न 3 : श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ केंद्रीय यूनिवर्सिटी कब बनी?
उत्तर : 21 दिसंबर 1970 
प्रश्न 4 : क्या लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री के साथ साथ विदेश मंत्री भी थे?
उत्तर : नहीं। 
प्रश्न 5 : सरकार में लाल बहादुर शास्त्री द्वारा अधिग्रहित विभिन्न पद क्या हैं?
उत्तर : 
  • संसदीय सचिव (1946)
  • कानून एवं परिवहन मंत्री (1947)
  • रेलवे एवं परिवहन मंत्री (1952)
  • परिवहन एवं संचार मंत्री (1956)
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री 
  • गृह मंत्री (1961)
  • प्रधानमंत्री पद (1962)
प्रश्न 6 : लाल बहादुर शास्त्री का सबसे बड़ा गुण क्या था?
उत्तर : कर्तव्य निष्ठा, देश प्रेम और ईमानदारी। 
प्रश्न 7 : किसानों पर लाल बहादुर शास्त्री के quotes?
उत्तर : “जय जवान जय किसान”
प्रश्न 8 : लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गाँधी में कोन सी समानताएं थी?
उत्तर : गांधीजी और शास्त्रीजी के चरित्र में कई समानताएं थी। जैसे – राष्ट्रभक्ति, सादा जीवन आदि।
प्रश्न 9 : परिवहन में आरक्षित सीटों की शुरुआत क्या लाल बहादुर शास्त्री जी के द्वारा की गई थी?
उत्तर : सन् 1952 से 1956 तक, रेल मंत्री रहते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने परिवहन में आरक्षित सीटों की शुरुवात की। 
प्रश्न 10 : लाल बहादुर शास्त्री को नेहरू के बाद अगले प्रधानमंत्री के रूप में कैसे चुना गया?
उत्तर : पंडित नेहरू की आकस्मिक मृत्यु के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारीयों की बैठक हुई। जिसमे सर्व सम्मति से लाल बहादुर शास्त्री को अगला प्रधानमंत्री चुन लिया गया। 
प्रश्न 11 : लाल बहादुर शास्त्री जब प्रधान मंत्री थे तब राष्ट्रपति कौन थे?
प्रश्न 12 : लाल बहादुर शास्त्री जी का पालन पोषण किस गांव में हुआ?
उत्तर : मिर्ज़ापुर (उत्तरप्रदेश) 
प्रश्न 13 : शास्त्रीजी किस जिले के निवासी थे?
उत्तर : मुग़ल सराई (उत्तरप्रदेश) 

Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi (जीवन परिचय) :

भारत के सबसे महान प्रधानमंत्री “श्री लाल बहादुर शास्त्री” का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश (राज्य) के मुग़ल सराई में हुआ था। इनके पिता का नाम शारदा प्रसाद और माता का नाम राम दुलारी देवी था। शास्त्रीजी का बचपन का नाम “लाल बहादुर श्रीवास्तव” था, लेकिन इन्होने अपने नाम के आगे से “श्रीवास्तव” हटा दिया, क्योंकि ये किसी भी प्रकार के जातिवाद का समर्थन नहीं करते थे।

जब इनकी आयु 1 वर्ष थी, तब इनके पिताजी का देहांत हो गया। इसके बाद ये अपने नाना के घर रहने लगे, इन्होने अपनी प्राथमिक शिक्षा तो पूरी की लेकिन कई आन्दोलनों में अपना सहयोग देने के कारण, अपनी उच्च शिक्षा को कई वर्षों में पूरी कर पाए।

इनकी राजनितिक कुशलता के कारण इन्हे “कांग्रेस” की सदस्यता मिल गयी, फिर इन्होने केंद्र सरकार के मंत्री मंडल में अलग अलग मंत्रालयों को संभाला। वर्ष 1964 में प्रधानमंत्री “पंडित जवाहरलाल नेहरू” के निधन के बाद इन्हे प्रधानमंत्री पद के लिए चुन लिया गया।
1965 में भारत – पकिस्तान युद्ध के दौरान, शास्त्रीजी ने अपनी सूझ – बुझ से कई बड़े निर्णय लिए और भारत को जीत दिलाने में अपना योगदान दिया। इस युद्ध के बाद पूरी दुनिया ने इनकी सराहना की, इसके बारे में आगे और विस्तार से जानकारी दी गयी हैं।


Lal Bahadur Shastri Family, Wife, Children, son (शास्त्रीजी का परिवार) :

साल 1927 में, 23 वर्ष की उम्र में, शस्त्रीजी ने “ललिता देवी” के साथ विवाह किया। इन दोनों को 4 पुत्र और 2 पुत्रियों की प्राप्ति हुई। इनके बेटों का नाम – सुनील, अनिल, अशोक और हरी किशन हैं तथा इनकी बेटियों का नाम – कुसुम और सुमन।

इनकी पत्नी “ललिता देवी” भी बहुत महान थी, जब आंदोलन के कारण शास्त्रीजी जेल जाते थे तो वे कभी उन्हें घर की परेशानियों का पता भी नहीं लगने देती थी।


Education (राष्ट्रीय आंदोलनों का शिक्षा पर प्रभाव) :

अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद, उच्च शिक्षा के लिए ये वाराणसी चले गए। लेकिन, साल 1921 में महात्माँ गाँधी द्वारा “असहयोग आंदोलन” की शुरवात की गई। इसका उद्देश्य, सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्कुल, विश्वविद्यालय और दूसरी सेवाओं का बहिष्कार करना था। इस कारण “शास्त्रीजी” ने भी अपना स्कुल छोड़ दिया और आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग दिया।

इस कारण इन्हे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन, कुछ घंटों बाद ही इन्हे छोड़ दिया गया। फिर इन्होने 1926 में  “काशी विद्यापीठ” से 4 वर्षों में “दर्शनशास्त्र” की पढाई पूरी की और “शास्त्री” की उपाधि से सम्मानित किए गए।

साल 1930 – इस वर्ष गांधीजी ने “सविनय अवज्ञा आंदोलन” शुरू किया, इस संघर्ष में भी शास्त्रीजी ने बढ़ – चढ़ कर हिस्सा लिया। इन्होने लोगों को आयकर और भूमिकर न भरने के लिए प्रेरित किया। इसलिए,  इन्हे पुलिस ने ढाई साल (2.5 साल) के लिए जेल में डाल दिया। 

यहाँ भी इन्होने अपने समय का सदुपयोग करने के लिए पश्चिमी देशों के महान राजनेताओं, दार्शनिकों और समाज सेवियों के बारे में पढ़ा और उनसे प्रेरणा ली।

साल 1942 – भारत की आज़ादी के लिए, इस वर्ष “भारत छोड़ो आंदोलन” की शुरवात की गयी। अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए “लाल बहादुर शास्त्री” ने भी इस आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग दिया।

Lal Bahadur Shastri Political Career (लाल बहादुर शास्त्री का राजनैतिक जीवन) :

  • साल 1926 : अपनी “दर्शनशात्र” की पढाई पूरी करने के बाद,ये “लोक समाज के सेवक” (Servants of the people Society) नामक दाल से जुड़ गए। इसकी स्थापना “लाला लाजपत राय” द्वारा 1921 में की गई थी। इसके माध्यम से शास्त्रीजी, युवाओं को समाज सेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करते थे।
  • साल 1940 : “कांग्रेस” द्वारा चलाये जा रहे स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सहयोग देने के कारण, पुलिस ने इन्हे 1 साल के लिए जेल में डाल दिया।
  • साल 1946 : इस साल उत्तरप्रदेश में चुनाव हुए और कांग्रेस के प्रचार – प्रसार का दायित्व इन्हे दिया गया। शास्त्रीजी ने बहुत निष्ठा और लगन से अपना काम किया, इस दौरान ही इनकी कुशल नेतृत्व की कला भी सामने आई। नेता “गोविन्द वल्लभ पंत”, इनकी कुशलता से बेहद प्रभावित हुए और जब पंत उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तो लाल बहादुर शास्त्री को “संसदीय सचिव” नियुक्त कर दिया।
  • साल 1947 : इसी वर्ष, गोविन्द वल्लभ पंत की सरकार में इन्हे “संसदीय सचिव” से “कानून एवं परिवहन मंत्री” बनने का अवसर मिला। 15 अगस्त 1947 के बाद देश में पहला आम चुनाव हुआ और ये “कांग्रेस सचिव” के पद के लिए चुने गए, इस चुनाव में कॉंग्रेस की बहुत बड़ी जीत हुई और “नेहरूजी” ने आज़ाद भारत के पहले प्रधानमन्त्री के रूप में शपथ ली। 
  • साल 1952 : “नेहरूसरकार ने इस वर्ष, शास्त्रीजी को “रेलवे एवं परिवहन मंत्रालय” का उत्तरदायित्व सौंप दिया। अपने कर्त्तव्य का पालन करते हुए, इन्होने रेलगाड़ी के तीसरी श्रेणी (3rd क्लास) के डिब्बों में भी बेहतर सुविधाओं की शुरवात की। 

Lal Bahadur Shastri History and Essay (निबंध) :

  • साल 1956 : शास्त्रीजी के रेलवे मंत्री रहते हुए, एक बहुत बड़ी रेल दुर्घटना हो गई। तब इन्होने पूरी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए अपने पद से स्तीफा दे दिया। इनके इस कदम से देशवासियों में इनके प्रति आदर और सम्मान का भाव बहुत बढ़ गया।
  • आज़ाद भारत में जब दूसरे आम चुनाव हुए, तब भी कांग्रेस ने बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी। नई सरकार के नए मंत्रिमंडल में “लाल बहादुरजी” को पहले “परिवहन एवं संचार मंत्रालय” दिया गया परन्तु, कुछ समय बाद इन्हे “वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री” बना दिया गया।
  • साल 1961 : इस वर्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता “श्री गोविन्द वल्लभ पंत” का निधन हो गया, तब कांग्रेस दल की बैठक हुई, जिसमे लाल बहादुर शास्त्री को “गृह मंत्री” बनाने का निर्णय लिया गया। 
  • साल 1962 : उस वक्त भारत एक कठिन दौर से गुज़र रहा था। भारत – चीन युद्ध के कारण, देश में अशांति का वातावरण था, परन्तु, इन्होने अपनी समझदारी से देश की आंतरिक सुरक्षा व् शांति को बरक़रार रखा।
  • साल 1962 : इस वर्ष एक ऐसी खबर आई जिससे हर भारतीय प्रभावित हुआ, वो खबर थी – प्रधानमन्त्री “पंडित जवाहरलाल नेहरू” के निधन की। उस वक्त देश के हालात ठीक नहीं थे, पूरे देश में अनाज की कमी हो गई थी। तब कांग्रेस के कई बड़े नेता प्रधानमन्त्री बनने की इच्छा जताने लगे, परन्तु अधिकतर मंत्री शास्त्री को इस पद के लिए एक बेहतर विकल्प मान रहे थे। लेकिन, इन सबसे परे ये देश में शांति व्यवस्था बनाये रखने का प्रयास कर रहे थे। तब पार्टी की बैठक हुई और इन्हे प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया। 

Lal Bahadur Shastri Death Reason (लाल बहादुर शास्त्री का निधन कब हुआ) :

वर्ष 1965 में, भारत में अनाज की कमी हो गयी और सेना को भी किसी तरह की सैन्य मदद नहीं दी जा रही थी। इसी का फायदा उठाते हुए पड़ोसी देश पकिस्तान ने भारत से युद्ध की शुरवात करदी। परन्तु, हमारे बहादुर सैनिकों ने हिम्मत दिखाते हुए पकिस्तान के एक बड़े हिस्सों को जीत लिया।
इसी युद्ध के दौरान शास्त्रीजी ने देश के किसानो व् सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए – “जय जवान जय किसान” का नारा दिया। कई दिनों तक चलने के बाद जंग ख़त्म हुई और भारत की जीत हुई।
लेकिन, कुछ समय बाद ही रूस के हस्तक्षेप के कारण 10 जनवरी 1966 को “तश्केन” में भारत – पकिस्तान” के बीच एक शांति – वार्ता का आयोजन हुआ। जिसमे दोनों देशों ने एक घोस्णापत्र पर हस्ताक्षर किये, इसके अंतर्गत भारत द्वारा जीती हुई ज़मीन पकिस्तान को लौटने पर मंजूरी हुई। 
10 जनवरी 1966 की शाम को शान्ति वार्ता के बाद, शास्त्रीजी की दिल का दौरा (हार्ट – अटैक) पड़ने से मौत हो गयी। इनकी आकस्मिक मृत्यु से पूरे देश में शोक का माहोल था। 

Unknown Facts and Information about Lal Bahadur Shastri (रोचक तथ्य) :

  1. शास्त्रीजी काफी पतले और छोटी हाइट के थे, जिस वजह से कई कैबिनेट मंत्री उनका मज़ाक भी उड़ाते थे।
  2. इन्हे “भारत रत्न” से सम्मानित किया जा चूका हे।
  3. इन्होने प्रधानमंत्री को मिलने वाली सारी सुख – सुविधाओं का त्याग कर दिया था।
  4. लोक समाज के सेवक (Servants of the people Society) के संस्थापक, इन्हे 50 रूपये की मासिक तनख्वा दिया करते थे।
  5. 1966 में रूस के प्रधानमंत्री ने इन्हे, एक मखमल का कोट भेंट किया था, परन्तु शास्त्रीजी ने उसे अपने ड्राइवर को दे दिया।
  6. ये एक बहुत ही सादगी प्रिय व्यक्ति थे, एक बार इनके बच्चो ने कार खरीदने के लिए ज़िद की तो प्रधानमन्त्री शास्त्री जी ने बैंक से लोन लेकर कार खरीदी थी।
  7. इन्होने अपना पूरा जीवन देश सेवा में लगा दिया और कभी भी  गलत तरीके से पैसे नहीं कमाए।
  8. इनकी मृत्यु के समय इनके पारीवार के पास खुद का घर भी नहीं था, और कार का लोन भी बकाया था।
  9. उस समय “इंद्रा गांधी” ने इनके परिवार के लिए घर की व्यवस्था की और कार का क़र्ज़ भी माफ़ किया।
  10. गांधीजी और शास्त्रीजी के चरित्र में कई समानताएं थी। जैसे – राष्ट्रभक्ति, सादा जीवन आदि।

Final words About Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi (मेरा पक्ष) :

तो साथियों, आज हमने आपको भारत के यशस्वी प्रधानमन्त्री “Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi” बताने का प्रयास किया। हमे इनके जीवन परिचय से सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ – साथ कठिन परिस्थितियों का सामना करने की सीख मिलती हैं। 
वैसे तो इस महान व्यक्तित्व का वर्णन कुछ शब्दों में नहीं किया जा सकता, परन्तु हमने इनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को आप तक पहुंचाने का प्रयास किया हैं।
हमें आशा हे की आपको ये लेख पसंद आया होगा, अगर इसमें कोई जानकारी प्रदान नहीं की गयी हे तो हमे कमैंट्स में ज़रूर बताएं।
धन्यवाद!!

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