1960 olympics Star | Biography of Milkha Singh in Hindi, age, wife, family, son, world records, 400m

नमस्कार मित्रों, आज हम एक ऐसे भारतीय खिलाड़ी की जीवनी पढ़ने जा रहे हैं। जिसने पूरे विश्व में अपने शानदार खेल का प्रदर्शन देते हुए – इंडिया का नाम रोशन किया। तो, हम बात कर रहे हैं – “मिल्खा सिंह” की। 

इस लेख में biography of Milkha Singh in Hindi के साथ – साथ, इनके परिवार, शिक्षा, रिकॉर्ड, इतिहास, अनसुने तथ्य, पुरस्कार एवं सम्मान आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई हैं।

1960 olympics Star | Biography of Milkha Singh in Hindi, age, wife, family, son, world records,  400m
Biography of Milkha Singh in Hindi (images) 


Quick overview of Milkha Singh biography In Hindi (मुख्य बिंदु) :

  • नाम – मिल्खा सिंह
  • जन्मदिनांक – 20 नवंबर 1929 
  • जन्मस्थान – पंजाब (अविभाजित भारत)
  • माता – पिता का नाम – अज्ञात 
  • आयु (age) – 91 वर्ष (2020 में)
  • धर्म – सिख 
  • राष्ट्रीयता – भारतीय 
  • उपनाम – “फ्लाइंग सिख” 
  • सम्मान – पद्मश्री
  • आत्मकथा – “द रेस ऑफ़ माय लाइफ” 
  • बायोपिक – “भाग मिल्खा भाग”

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Biography of Milkha Singh in Hindi (जीवन परिचय) :

“फ्लाइंग सिख” के नाम से मशहूर “मिल्खा सिंह” का जन्म 20 नवंबर 1929 को अविभाजित भारत के पंजाब में हुआ था। भारत के विभाजन के दौरान, माहोल बिगड़ने पर इनके माता पिता की मृत्यु हो गयी थी। तब पाकिस्तान से शरणार्थियों को लाने वाली बस में सवार होकर मिल्खा सिंह भारत आ गए थे। यहाँ वे अपनी शादीशुदा बहन के घर रहते थे। 

इस के अलावा, इन्होनें अपना काफी समय शिविरों और बस्तियों में गुजारा। मिल्खा सिंह के कुल 15 भाई – बहन थे लेकिन भारत – पाकिस्तान विभाजन के दौरान हुए झगड़े में अधिकाँश की मृत्यु हो गयी थी। इन्होने अपने जीवन में  कई परेशानियों का सामना किया। 

विपरीत परिस्थितियों में भी इन्होनें हार नहीं मानी और हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। इन्हे अपने चौथे प्रयास में, भारतीय सेना से जुड़ने का मौका भी मिला। 

मिल्खा सिंह ने अपने जीवन में 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ में कई कीर्तिमान स्थापित किए और कई पदक भी जीते। एक अच्छा और प्रभावशाली खिलाड़ी होने के कारण, भारत सरकार द्वारा इन्हे पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।


08 FAQs on Milkha Singh :

प्रश्न 1 : मिल्खा सिंह का वज़न (weight) कितना हैं?
उत्तर : 70 kg.
प्रश्न 2 : अपने जीवन में कितनी दौड़ों में हिस्सा लिया और कितने में जित दर्ज की?
उत्तर : इन्होनें अपने जीवन में कुल 80 दौड़ में हिस्सा लिया और 77 में जीत हासिल की।
प्रश्न 3 : मिल्खा सिंह का 1600 मीटर रेस ें कितना समय लगा?
उत्तर : 45.6 seconds.
प्रश्न 4 : भारत सरकार ने मिल्खा सिंह को किस पुरस्कार से सम्मानित किया?
उत्तर : पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड। 
प्रश्न 5 : मिल्खा सिंह ने प्रथम अंतर्राष्ट्रीय दौड़ कब लगाईं?
उत्तर : सन् 1956 में। 
प्रश्न 6 : मिलका सिंह के घर और स्कूल के बिच कितनी दूरी थी?
उत्तर : 10 KM
प्रश्न 7 : Indian army में मिल्खा सिंह को कोनसा पद प्राप्त है?
उत्तर : Junior Commissioner 
प्रश्न 8 : मिल्खा सिंह की पत्नी (wife) का क्या नाम हैं?
उत्तर : निर्मल कोर। 

Milkha Singh History and Education (शिक्षा) :

कई विषम परिस्थितियों ने इनकी शिक्षा पर गहरा प्रभाव डाला। वैसे तो इनकी शिक्षा से जुड़ी, ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इनके बचपन का एक किस्सा बहुत मशहूर व् प्रेरणादायक हैं। 

इनके स्कूल व् घर के बीच लगभग 10 km की दूरी थी, तो मिल्खा सिंह रोज़ दौड़ कर अपने विद्यालय जाया करते थे और दौड़ कर वापस घर भी आया करते थे. 

यहीं से इनके एक सफल धावक बनने की शुरवात हुई।

How Milkha Singh joined ARMY (सेना में कैसे भर्ती हुए) :

वैसे तो इनके अधिकाँश भाई – बहनों की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन इनके एक भाई – “मलखान सिंह” ने इन्हे भारतीय सेना में भर्ती होने का सुझाव दिया। मिल्खा भी इससे सहमत थे, फिर इन्होने 3 बार सेना में जाने का प्रयास किया लेकिन, तीनो ही बार असफल रहे। 

वर्ष 1951 में एक बार और प्रयास करने पर, ये सफल हुए और सेना में भर्ती भी हुए। इस भर्ती के दौरान, मिल्खा ने “क्रॉस कंट्री रेस” में 6टी रैंक हासिल करके सब को अचंभित कर दिया था।

तब इन्हे स्पोर्ट्स कोटे के तहत, ख़ास प्रशिक्षण दिया गया, जिससे इनके खेल में और भी सुधार हुआ। जब मिल्खा ने जोइनिंग की थी तब अधिकाँश लोगो को “commonwealth”  के बारे में पता भी नहीं था।

उस समय इन्होनें कई 200 व् 400 मीटर रेस में भाग लिया और विजय भी हुए।

Milkha Singh childrens (son, daughter), wife, family (परिवार) :

साल 1962 में इन्होने राष्ट्रिय वॉलीबॉल खिलाड़ी “निर्मल कौर” से शादी की। इन दोनों को 3 बेटियों  1 पुत्र की प्राप्ति हुई। इनके बेटे का नाम “जीव मिल्खा सिंह” हैं। 

Milkha Singh Olympic career and world records (ओलिंपिक करियर और रिकार्ड्स) :

 मिल्खा सिंह का ओलिंपिक करियर बहुत ही उज्जवल और सराहनीय रहा, लेकिन इन्हे शुरवात में कई परेशानियों और असफलताओं का सामना करना पड़ा। 

साल 1956 –  इन्होने छोटे स्तर पर होने वाली २०० व् ४०० मीटर रेस में अपना नाम बना लिया था। जिस कारण इन्हे, 1956 के “Melbourne Olympics”  में भाग लेने का अवसर मिला। परन्तु, कम अनुभव और कम ट्रेनिंग के कारण इन्हे हार का सामना करना पड़ा।

इस रेस में “चार्ल्स जेंनकीम” विजय हुए थे, रेस ख़तम होने के बाद दोनों की मुलाकात हुई और चार्ल्स ने इन्हे, ट्रेनिंग से जुड़ी कई योजनाएं और सुझाव दिए। 

साल 1958 : इस वर्ष कटक में “राष्ट्रीय खेलों” का आयोजन किया गया। इसमें भी 200 और 400 मीटर रेस में, मिल्खा सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से सब को अचंभित कर दिया। इसी के साथ ये “राष्ट्रीय खेलों” में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनें। बाद में “एशियाई खेलों” में भी इन्होने स्वर्ण पदक जीता।

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Milkha Singh 1960 Rome olympics 400m record (1960 रोम ओलंपिक्स) :

साल 1960 : जब भी मिल्खा सिंह की बात की जाती है तो, साल 1960 का जिक्र जरूर किया जाता हैं।  इस वर्ष इन्होने “रोम ओलंपिक्स” में 400 मीटर रेस में भाग लिया। शुरवाती 250 मि० में ये पहले स्थान पर थे, लेकिन फिर ये रुक कर अपने प्रतिद्वंदियों को देखने लग गए, जिस कारण इन्हे हार का सामना पड़ा और चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। 

ये इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती मानते हे। मिल्खा सिंह उस समय बहुत निराश हो गए थे और संन्यास लेने के बारे में सोचने लगे, लेकिन बहुत समझाने पर उन्होंने अपना ये विचार त्याग दिया। 

“रोम ओलिंपिक 1960 – 400 मि० दौड़ का फाइनल स्कोर”

  1. Otis Davis –  44.7 सेकंड 
  2. Carl Kaufmann – 44.8 सेकंड
  3. Malcolm Spence – 45.4 सेकंड 
  4. Milkha Singh – 45.6 सेकंड 

Milkha Singh vs Abdul Khaliq :

इस ऐतिहासिक घटना के बाद, पाकिस्तान ने मिल्ख को अपने सबसे बड़े खिलाड़ी “अब्दुल ख़ालिक” से मुकाबला करने के लिए आमंत्रित किया। इन्होने पकिस्तान जाकर, अब्दुल ख़ालिक़ को हराकर सबको हैरान कर दिया।
पाकिस्तान के राजनेता – अयूब खान, मिखा के दौड़ने के अंदाज़ से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने मिल्खा को “flying Sikh”  का नाम दिया।

साल 1962 : इस वर्ष 400 और 1600 मि ० दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता और योग्यता का परिचय दिया।

Milkha Singh Awards and achievement (पुरस्कार एवं सम्मान) :

वर्ष 1958 में, इनके बेहतरीन प्रदर्शन के कारण आर्मी ने इन्हे “जूनियर कमिश्नर” बनाया। इसके ठीक बाद भारत सरकार ने भी इन्हे “पद्मश्री” से सम्मानित किया।
साल 2001 में, भारत सरकार ने इन्हे “अर्जुन अवार्ड” से सम्मानित करने की इच्छा राखी, तब इन्होनें इस सम्मान से इंकार कर दिया और अभी तक मिले सभी अवार्ड्स को इन्होने अपने देश को समर्पित कर दिया।

Milkha Singh autobiography and biopic (आत्मकथा और बायोपिक) :

2013 में, अपनी बेटी की सहायता से इन्होनें अपनी आत्मकथा – “The Rise Of My Life”  लिखी। जिसमे इनके जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी घटना का भावपूर्वक वर्णन किया गया। 
जब इस आत्मकथा को बॉलीवुड निर्देशक – “राकेश ओमप्रकाश मेहरा” ने पढ़ा तो वे काफी प्रभावित हुए और मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म बनाने का निर्णय लिया।
तब साल 2012 में “भाग मिल्खा भाग” की शूटिंग शुरू हुई और 13 जुलाई 2013 को यह फिल्म रिलीज़ हुई। इस फिल्म को दर्शकों का ढेर सारा प्यार मिला। और मिले भी क्यों ना, इसमें अभिनेता – “फरहान अख्तर” ने मिल्खा सिंह का किरदार बहुत सराहनीय तरीके से निभाया।
फरहान अख्तर ने, मिल्खा की ज़िन्दगी के हर एक पल को फिर से जीवित करने का प्रयास किया। 
इन्होनें अपनी आत्मकथा राकेश ओमप्रकाश मेहरा को सिर्फ 1 रूपए में दी थी। 

Unknown facts (अनसुने तथ्य) :

  • मिखा सिंह ने भारत – पाक विभाजन के समय अपने माता – पिता और भाई – बहनों को खो दिया था।
  • ये चौथे प्रयास में भारतीय सेना में भर्ती होने में सफल हुए थे।
  • “नेशनल गेम्स” में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनें।
  • साल 1962 में, इन्होने 400 व् 1600 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीता था।
  • इनके “रोम” में बनाये गए रिकॉर्ड को 40 साल बाद “परमजीत सिंह” ने 1998 में तोड़ा था।
  • इन्होने 2001 में सारे सम्मान, देश को समर्पित कर दिए थे।
  • बिना किसी सुविधा के इन्होने अपने खेल को सुधरने के लिए प्रयास किया।
  • अपने रिटायरमेंट के बाद ये “पंजाब खेल अकादमी” के अध्यक्ष बनें।
  • वर्ष 1958 के बाद इन्होनें कोई फिल्म नहीं देखि, लेकिन जब अपने जीवन पर आधारित “भाग मिल्खा भाग” देखि तो इनकी आँखों में आंसू आ गए।  

Final words on Milkha Singh Hindi Biography (निष्कर्ष) :

तो दोस्तों, आज हमने आपको भारत के सर्वश्रेष्ठ धावक Biography of Milkha Singh in Hindi से अवगत कराया, इस लेख के माध्यम से हमारा उद्देश्य हर उस व्यक्ति के अंदर ऊर्जा का संचार करने हे, जो अपने जीवन सफलता अर्जित करना चाहता हे।
धन्यवाद!!

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